
दुर्ग 24 hnbc.
दुर्ग आरटीओ में राज्य की मुख्य धारा के विपरीत वर्ग विशेष को प्राथमिकता में रहे हैं जब अंदर दो लोगों का शासन होगा तो बाहर उन्हीं के वर्ग बिरादरी के दलालों का भी मजा होगा। पहले भी दुर्ग आरटीओ में दलालों के मार्फत ही सब काम होता था किंतु अब एक वर्ग विशेष के दलाल और कर्मचारी पूरी तरीके से छा गए हैं। पूर्ववर्ती शासन में दलाल तो थे लेकिन किसी वर्ग विशेष का दबदबा नहीं था। अब मात्र 2 साल में किसी एक ही वर्ग का दबदबा बन गया है बाहर आम जनता यह पूछ कर काम देती है कि जिसे काम दिया जा रहा है उसका नाम क्या है क्योंकि उसे पता है कि जिस वर्ग का आदमी अंदर बैठा है उसी वर्ग के दलाल की फाइल खिसकने है अन्य का काम लेटलतीफी का शिकार होगा। अब आम नागरिक दाढ़ी को देखकर काम देती है काम की गुणवत्ता को देखकर नहीं इस तरह आम जनता दलालों के चक्कर में फंसती है और वह भी एक वर्ग विशेष के दलाल को काम दिया तो ठीक अन्यथा काम नहीं होने की गारंटी है दुर्ग आरटीओ में अजहर इमरान पदस्थ होने के बाद भी यह सब बदलाव आया है।