
जबलपुर,। 24HNBC
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इसके जरिये मध्य प्रदेश शासन द्वारा मध्य प्रदेश शासन कार्य आवंटन नियम में संशोधन करते हुए राज्य में स्थित खरबों रुपये की शासकीय संपत्तियों को बेचे जाने के निर्णय को चुनौती दी गई है। जनहित याचिकाकर्ता नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच, जबलपुर के प्रांतीय संयोजक मनीष शर्मा की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय पैरवी करेंगे।उन्होंने अवगत कराया कि हाई कोर्ट आने से पूर्व मंच ने आपत्ति दर्ज कराई थी। साथ ही सुझाव दिया था कि संपत्तियों को किराये पर देकर, लीज पर देकर या फिर पब्लिक पार्टनरशिप के माध्यम से बचाए रखकर राजस्व अर्जित किया जा सकता है। लेकिन इसे नजरअंदाज कर दिया गया। मध्य प्रदेश शासन ने जबलपुर, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, बालाघाट, विदिशा, कटनी, शहडोल, अलीराजपुर, दमोह, सीहोर, बुरहानपुर, गुना, मुरैना, आगरमालवा, रीवा, छतरपुर, पन्ना में लगभग 32 संपत्तियों के विक्रय के लिए निविदा आमंत्रित की है। मौजूदा बाजार मूल्य के हिसाब से ये संपत्तियां खरबों रुपये की हैं।