24 HNBC News
आदिवासी समाज में भी बढे घरेलु हिंसा के मामले
Sunday, 07 Mar 2021 18:00 pm
24 HNBC News

24 HNBC News

 

 

डिंडौरी24HNBC

आदिवासी बहुल जिले डिंडौरी में महिलाओं में घरेलू हिंसा के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जिले में सितंबर 2018 से शुरू सेंटर में अब तक 371 मामले घरेलू हिंसा से संबंधित पहुंचे हैं, जिनमें से 283 का निराकरण करना विभाग बता रहा है। मार्च 2020 से 181 हेल्पलाइन के माध्यम से ही वन स्टाप सेंटर तक पहुंची शिकायतों का भी समाधान करना बताया गया। गत दिनों वन स्टाफ सेंटर तक एक रोचक मामला पहुंचा, जिसमें बताया गया कि डिंडौरी जिले के एक गांव की महिला का विवाह शहडोल निवासी युवक से वर्ष 2020 में हुआ था। महिला के पति ने मायके से मोटर साइकिल और रुपये लाने की बात कहते हुए पत्नी के साथ मारपीट कर घर से निकाल दिया था। मामला वन स्टाप सेंटर तक पहुंचने के बाद पीड़ित महिला के सास, ससुर, जेठ को बुलाया गया। युवक के स्वजनों ने बताया कि उनका पुत्र काफी दिनों से लापता है और उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना में उनके द्वारा दर्ज कराई गई है। स्वजनों ने यह भी बताया कि उनके पुत्र और बहू के बीच अक्सर झगड़ा होता था और वेसमझौता कराने का प्रयास भी करते थे। पीड़ित महिला ने बताया कि उसके ससुराल पक्ष द्वारा समय रहते ध्यान नहीं दिया जाने से स्थिति बिगड़ गई है। उसका पति ढाबा में काम करता है और शराब, गांजा का नशा करता है।पति के भागने पर पिता ने उठाया भरण पोषण का बीड़ाः पीड़ित महिला ने यह भी बताया कि उसका पति रिश्तेदारी की एक लड़की को लेकर भाग गया है। ससुराल पक्ष के लोगों ने महिला को अपने साथ रखने की बात भी कही, लेकिन पति के लापता होने के चलते महिला ने उनके साथ रहने से मना कर दिया और भरण पोषण की मांग की। दोनों पक्ष को समझाइश देने के बाद उनके बीच समझौता हुआ कि पीड़ित महिला अपने मायके में रहेगी और ससुर द्वारा प्रतिमाह भरण पोषण के तौर पर उसे 2500 रुपये दिए जाएंगे। बताया गया कि वन स्टाप सेंटर में रहकर पीड़ित महिला मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना के तहत सिलाई का प्रशिक्षण लेकर अपना रोजगार शुरू करेगी।आंगनबाड़ियों में भी दी जा रही जानकारीः जिले भर में महिला बाल विकास विभाग की 1913 आंगनबाड़ी केंद्रों में वन स्टाप सेंटर से दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी देने के लिए पोस्टर लगवाए जा रहे हैं। इसके अलावा शासकीय कार्यक्रमों के आयोजन में भी घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं व युवतियों के लिए जानकारी देने के लिए विभाग द्वारा पहल की जा रही है, जिससे घरेलू हिंसा व अन्य प्रकारण की समस्या से पीड़ित महिलाएं व युवतियों की समस्याओं का समाधान किया जा सके।