
रायपुर।24HNBC
छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड स्थित शंकर नगर में पदस्थ संपदा अधिकारी एके बनर्जी पिछले कई सालों से सरकारी खजाने में टैक्स का पैसा जमा नहीं कर रहे थे। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के मुख्यालय में बैठे चीफ एकाउंटेंट अधिकारी को इसकी भनक तक नहीं लग रही थी, क्योंकि पिछले कई सालों से प्रदेश में कितना टैक्स आ रहा है, विभाग ने इसकी जांच ही नहीं की है।कार्यालय में बैठे संपदा अधिकारी द्वारा जितना टैक्स जमा किया जाता था, वही मान लिया जाता था, लेकिन हाल ही में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त ने प्रदेश भर के कार्यालयों से टैक्स रिपोर्ट मांगी, तब इसका पर्दाफाश हुआ। सरकारी खजाने में सेंध लगाने वाले संपदा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय विभाग जांच का हवाला देकर हाथ पर हाथ धरे बैठा है। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष भी इस मामले से अनभिज्ञ हैं। अधिकारियों ने उनको भी अभी तक यह जानकारी नहीं दी है।ज्ञात हो कि शंकर नगर हाउसिंग बोर्ड कार्यालय के जोन दो में कचना, शंकर नगर, खम्हारडीह, सरहद, बोरियाखुर्द, डूमरतराई और धरमपुरा आदि हाउसिंह बोर्ड सोसायटी का सामान्य रखरखाव, जमीन और पानी का टैक्स वसूल किया जाता है। शंकर नगर जोन दो में पदस्थ संपदा अधिकारी एके बेनर्जी टैक्स जमा करने के बाद रसीद फाडकर देते थे, लेकिन उसे सरकारी खजाने में जमा नहीं करते थे।संपदा प्रबंधक ने इस रकम को अपने निजी खर्चों में उड़ा दिया। साल 2016-17 से 2019-20 तक करीब दो करोड़ रुपये का घोटाला किया है। प्रारंभिक जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू हुई तो हड़बड़ाए अधिकारी ने 56 लाख स्र्पये बोर्ड के खाते में जमा कर दी है।