
बिलासपुर 24 hnbc.
जिले की संपत्ति पंजीयन कार्यालयों में स्टांप शुल्क के अतिरिक्त पैसे की वसूली की शिकायत आम है। कहीं यह शुल्क 2% है कहीं 4% तो कहीं प्रति रजिस्ट्री 1000 ऐसे ही मामलों के कारण एक अधिवक्ता ने तो उच्च न्यायालय में जनहित याचिका लगा रखी है ।
तखतपुर से लेकर मस्तूरी बिल्हा तक यही खेल है, हाल ही में मस्तूरी से अमर लाल यादव ग्राम चिल्हाटी को 21 डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री करानी थी तब उसे स्टांप ड्यूटी 5300 बताई गई इच्छुक व्यक्ति ने धनराशि जमा कर दी 5 दिन के बाद 4360 रुपए का स्टांप मिला लगभग 1000 रुपए की सुविधा शुल्क, दस्तूर , भ्रष्टाचार कुछ भी कहे लग गया लोगों का मानना है कि मार्च महीने में तो एक पंजीयक के यहां रोज दर्जनों की संख्या में संपत्ति पंजीयन होता है यदि प्रति रजिस्ट्री दस्तूर शुल्क ऐसे ही लिए जा रहे हैं तो यह धनराशि बड़ी होती है जिस पर किसी का कोई नियंत्रण नहीं है।