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भाजपा-कांग्रेस के मित्रवत मैच को अच्छे से समझती है जनता दोनों ने मिलकर लूटा है शहर को..... एनसीपी प्रवक्ता

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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर, 22 सितंबर 2022 । छत्तीसगढ़ बनने के बाद यदि किसी शहर के साथ कांग्रेस भाजपा ने मिलकर सर्वाधिक धोखाधड़ी की है तो उस शहर का नाम बिलासपुर है, और जीता हुआ हारा हुआ फूल छाप कांग्रेसी और पंजा छाप भाजपाई आज भी इसी काम में लगे हुए हैं। पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल अपने जन्मदिन के अवसर पर जिस धरना प्रदर्शन पर बैठने जा रहे हैं वह भी इसी बात का जीता जागता उदाहरण है यह बात एनसीपी के प्रदेश प्रवक्ता छत्तीसगढ़ के युवा नेतृत्व निलेश  बिश्वास ने कही उन्होंने दोनों राजनीतिक दल के नेताओं पर खुला आरोप लगाते हुए कहा इस शहर की दो परियोजनाओं ने भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण दिया है। पहली योजना सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान जो 2008 में प्रारंभ हुई 2 साल में समाप्त हो जानी थी, और दूसरा अमृत मिशन जो शहर के लिए जहर बन गई। आज पूर्व मंत्री भाजपा के कद्दावर नेता अमर अग्रवाल जी का जन्मदिन है उन्हें शुभकामनाएं साथ में वे यह भी बताएं कि इसी माह जब राज्य सरकार के स्थानीय निकाय मंत्री ने करोड़ों के भ्रष्टाचार वाली सीवरेज की जांच के लिए आदेश जारी किया तो आज का धरना कहीं इसी जांच को रोकने के लिए तो नहीं किया जा रहा है वही एनसीपी के प्रवक्ता ने कांग्रेस के नेताओं से यह पूछा कि 2018 के बाद चुनाव जीत कर आना और जिन मुद्दों पर चुनाव लड़ा गया था जीत के तुरंत बाद सीवरेज की जांच का आदेश क्यों नहीं दिया गया उल्टे अब जब विधानसभा चुनाव के 7 से 10 माह बचे हैं तब सीवरेज की जांच का आदेश क्या संदेश देता है। वर्ष 2008 में जोर-शोर के साथ सीवरेज प्लान 293 करोड़ की लागत से प्रारंभ किया गया तत्कालीन मंत्री नगर विधायक अमर अग्रवाल जी ने पूरी योजना का श्रेय लिया 2 साल चलने वाली योजना को शानदार 13 साल अपने पूरे कार्यकाल खींचा 293 करोड़ की योजना 422 करोड़ में तब्दील हो गई पूरा पैसा खर्च कर दिया गया 293 किलोमीटर की टेस्टिंग के स्थान पर केवल 1 किलोमीटर की टेस्टिंग करके 2013-14 के चुनाव में इसके फर्स्ट स्लैब को लोकार्पित भी कर दिया गया । किंतु अभी भी इस योजना का 20% काम बचा होना बताया जाता है। 
कांग्रेस के नेताओं ने इस योजना पर जनता को खूब ठगा एक बार शैलेश पांडे जी ने और एक बार महापौर चुनाव के समय श्रीमती वाणी राव ने चुनाव जीते ही लाल बहादुर शास्त्री स्कूल के ऑडिटोरियम में जनता दरबार लगाया सीवरेज पर जन सुनवाई हुई और तत्काल काम रोकने का प्रस्ताव पेश हो गया। उसके बाद फिर शहर में काम होता क्यों रहा आखिर जनता जानना चाहती है कि उस समय के महापौर ने तत्कालीन नगरी निकाय मंत्री से क्या समझौता किया । उसके बाद विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस के प्रत्याशी शैलेश पांडे ने सीवरेज को लेकर बहुत सारे प्रश्न किए चुनाव जीता और विधानसभा में दर्जनों बाद इस मुद्दे को उठाया पर योजना की जांच नहीं हुई आखिर जनता यह क्यों ना समझे कि दोनों राजनीतिक दल के नेता मिलकर सरकारी खजाने को लूट रहे हैं। 
शहर की बर्बादी की दूसरी योजना अमृत मिशन थी। यह योजना 80 करोड़ की थी और इस पर 320 करोड खर्च हो चुके हैं यह योजना 2010 से अब तक शहर के लिए जीवनदायिनी नहीं जहर बन गई है। अमृत मिशन के तहत 150 किलोमीटर पाइप बिछाए गए जिसमें से केवल 50 किलोमीटर की टेस्टिंग हुई। आखिर दोनों राजनीतिक दल के नेता कब तक नूराकुश्ती दिखाते रहेंगे। इस नूराकुश्ती में भाजपा के निर्वाचित जनप्रतिनिधि मनोनीत जनप्रतिनिधि और कांग्रेस के निर्वाचित जनप्रतिनिधि तथा कैबिनेट दर्जा प्राप्त जनप्रतिनिधि एक साथ शामिल हैं। यही सही समय है जब इस खेल को उजागर किया जाए और आने वाले चुनाव में समझदारी के साथ निर्णय लेते हुए शहर की अस्मिता को सुरक्षित रखने के लिए नए नेतृत्व को मौका दिया जाए।